नीमच। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नगर पालिका में भाजपा की सरकार होने के बावजूद नीमच शहर विकास के मोर्चे पर पिछड़ता जा रहा है। कांग्रेस कमेटी के जिला संगठन महा सचिव ब्रजेश मित्तल ने नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा और भाजपा की नगर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चार वर्षों के कार्यकाल में शहर को मॉडल सिटी बनाने के दावे केवल भाषणों, होर्डिंग्स और प्रचार अभियानों तक सीमित रह गए हैं। जनता आज भी बदहाल सड़कों, अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था, अधूरे विकास कार्यों और पेयजल संकट जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है।मित्तल ने कहा कि भाजपा की नगर सरकार का कार्यकाल चार वर्ष पूरा होने की ओर है, लेकिन शहर हित में ऐसा कोई बड़ा और स्थायी विकास कार्य नजर नहीं आता, जिसे उपलब्धि के रूप में गिनाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका अपने मूल दायित्वों का निर्वहन करने में भी असफल साबित हुई है। नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के बजाय नगर सरकार आत्मप्रचार और उपलब्धियों के दावों में व्यस्त रही है।उन्होंने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा ने पदभार ग्रहण करते समय नीमच को इंदौर की तर्ज पर मॉडल शहर बनाने का वादा किया था। उस दौरान सब्जी मंडी के आधुनिकीकरण, नए उद्यानों के निर्माण, स्वच्छता में नंबर-वन स्थान हासिल करने, चौड़ी और गुणवत्तापूर्ण सड़कों के निर्माण तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त शहर विकसित करने जैसे कई बड़े दावे किए गए थे।
मित्तल ने सवाल उठाते हुए कहा कि चार वर्ष बाद भी जनता जानना चाहती है कि इन घोषणाओं और वादों में से कितने धरातल पर उतरे हैं।उन्होंने कहा कि शहर के कई वार्डों में आज भी लोगों को नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और जगह-जगह कचरे के ढेर नगर सरकार के दावों की वास्तविकता उजागर कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्तमान में शहर की सबसे गंभीर समस्या सड़कों की बदहाल स्थिति है। नगर के कई प्रमुख मार्ग जर्जर हो चुके हैं, जबकि कई स्थानों पर सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के कार्य अधूरे छोड़ दिए गए हैं। श्री मित्तल ने आरोप लगाया कि नगर सरकार ने चुनिंदा स्थानों पर सड़क निर्माण कर उसका प्रचार तो खूब किया, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में नागरिकों को आज भी टूटी और क्षतिग्रस्त सड़कों से होकर गुजरना पड़ रहा है।उन्होंने बताया कि हुडको कॉलोनी की मुख्य सड़क का निर्माण कार्य पिछले छह महीनों से अधूरा पड़ा हुआ है। इससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रेलवे स्टेशन रोड पर चौड़ीकरण के नाम पर सड़क के दोनों ओर खुदाई कर दी गई है, लेकिन निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी है।वरिष्ठ नेता ब्रजेश मित्तल ने कहा कि कमल चौक से ग्वालटोली मार्ग तक भी चौड़ीकरण के नाम पर सड़क के दोनों किनारों को खोदकर छोड़ दिया गया है। इससे व्यापारियों, वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। धूल, गड्ढों और यातायात अव्यवस्था के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका के जनप्रतिनिधि ठेकेदारों से समय पर और गुणवत्तापूर्ण काम कराने में पूरी तरह विफल रहे हैं। कई स्थानों पर निर्माण एजेंसियों ने सड़कें खोद रखी हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने को लेकर कोई गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस स्थिति पर मौन बने हुए हैं।
मित्तल ने कहा कि मानसून सत्र शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। यदि समय रहते अधूरी सड़कों और नालियों के निर्माण कार्य पूरे नहीं किए गए, तो बारिश के दौरान जलभराव, कीचड़ और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं विकराल रूप ले सकती हैं। इसका खामियाजा सीधे तौर पर शहरवासियों को भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने नगर की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्वच्छता में अव्वल आने के दावे करने वाली नगर सरकार शहर को साफ-सुथरा रखने में भी असफल रही है। कई वार्डों में नियमित कचरा संग्रहण नहीं हो रहा है और नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ब्रजेश मित्तल ने कहा कि भाजपा की नगर सरकार को अब भ्रष्टाचार, दिखावे और आत्मप्रचार की राजनीति से बाहर निकलकर जनता की मूलभूत समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर के विकास का आकलन विज्ञापनों, बैनरों और सोशल मीडिया पोस्ट से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखाई देने वाले कार्यों से होता है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नगर पालिका की कार्यप्रणाली में जल्द सुधार नहीं हुआ और शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो कांग्रेस पार्टी भाजपा की नगर सरकार के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी।श्री मित्तल ने कहा, नीमच की जनता ने विकास के भरोसे भाजपा को जनादेश दिया था, लेकिन चार वर्षों में उन्हें अधूरी सड़कें, अव्यवस्थित व्यवस्थाएं और अधूरे वादों के अलावा कुछ नहीं मिला। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर उनके अधिकारों और सुविधाओं के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन भी करेगी।