मनासा/जवासा। मनासा क्षेत्र के ग्राम ढाबा में किशोरी अंजलि नायक की मौत अब सिर्फ एक आत्महत्या नहीं रही, बल्कि घर के भीतर चल रही प्रताड़ना और सिस्टम की चुप्पी पर बड़ा सवाल बन गई है। सुसाइड नोट छोड़कर कुएं में कूदकर जान देने वाली अंजलि के मामले में चार दिन तक कार्रवाई नहीं होने से आक्रोशित परिजनों ने रविवार को जवासा–भादवा माता चौराहा जाम कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि अंजलि को उसकी बड़ी मम्मी और बुआ द्वारा लगातार विवाद,
मारपीट और मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी। इसी यातना से टूटकर अंजलि ने आत्मघाती कदम उठाया और सुसाइड नोट में साफ तौर पर आरोपियों के नाम लिखे। इसके बावजूद अब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना परिजनों को सड़क पर उतरने को मजबूर कर गया।
चक्का जाम के दौरान मार्ग पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित रहा। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने समझाइश का प्रयास किया, लेकिन परिजन एक ही मांग पर अड़े रहे—तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच।
मृतका के माता-पिता ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सुसाइड नोट मौजूद है, तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों? उनका आरोप है कि यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते, तो मामला सड़क तक नहीं पहुंचता।