मंदसौर। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित पंखुड़ी डिजिटल पोर्टल को लेकर मंदसौर से सांसद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा में महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। सांसद गुप्ता ने अपने प्रश्न के माध्यम से पंखुड़ी पोर्टल के उद्देश्य, कार्यप्रणाली, पंजीकृत हितधारकों, बजटीय आवंटन, पारदर्शिता, निगरानी तंत्र तथा सीएसआर और साझेदारी आधारित पहलों की जानकारी मांगी।
सांसद सुधीर गुप्ता ने यह भी जानना चाहा कि महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं में निजी क्षेत्र, गैर-सरकारी संगठनों, कॉरपोरेट संस्थानों, सीएसआर योगदानकर्ताओं और प्रवासी भारतीयों की भागीदारी को यह डिजिटल प्लेटफॉर्म किस प्रकार सशक्त बना रहा है, साथ ही इसका राज्यवार एवं जिलावार प्रभाव क्या है।
लोकसभा में दिए गए लिखित उत्तर में महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि पंखुड़ी पोर्टल मंत्रालय का एक एकल-खिड़की डिजिटल मंच है, जिसका उद्देश्य महिला एवं बाल विकास पहलों में पारदर्शी, समन्वित और प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित करना है। यह पोर्टल पंजीकरण, प्रस्ताव प्रस्तुत करने और गैर-नकद योगदान की निगरानी की सुविधा प्रदान करता है।
मंत्री ने बताया कि पंखुड़ी पोर्टल पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ईसीसीई), बाल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देता है और मिशन सक्षम आंगनवाड़ी, पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति जैसी प्रमुख योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित करता है।
सरकार के अनुसार 03 फरवरी 2026 तक पंखुड़ी पोर्टल पर 38 योगदानकर्ताओं ने पंजीकरण कराया है। इसके साथ ही मंत्रालय द्वारा राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी) के माध्यम से क्षमता निर्माण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
सांसद सुधीर गुप्ता द्वारा लोकसभा में उठाए गए इस प्रश्न से महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में डिजिटल सहभागिता और पारदर्शिता को लेकर केंद्र सरकार की सक्रिय भूमिका सामने आई है।