मन्दसौर । नगर पालिका परिषद मंदसौर द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किए जाने पर आयोजित बैठक में प्रतिपक्ष की नेता रफत पयामी ने दमदारी से चर्चा करते हुए नगर हित से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रश्न उठाए । उन्होंने सभी प्रश्नों के उत्तर प्रोसीडिंग में दर्ज किए जाकर जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्ट जवाब देने की मांग की । रफत पयामी द्वारा बजट बैठक के दौरान उठाए गए प्रमुख बिंदु निम्नानुसार हैं - 1.पुनर्वियोग बजट (पेज नं. 01) – जोनल में ऐसे कौन-कौन से कार्य हुए हैं, जिनमें अनुमानित व्यय 5 लाख से सीधे 50 लाख किया गया? क्या ये कार्य जोनल ठेके से अलग हैं, संबंधित अधिकारी जानकारी दें। 2.अखबार एवं पत्र-पत्रिकाएं (पेज नं. 01) – 10 लाख रुपये का जो अनुमानित व्यय रखा गया है, वह किन कार्यों हेतु है एवं 2026 में किन-किन पत्र-पत्रिकाओं पर खर्च किया जाएगा? 3. मेले का बजट (पेज नं. 02) – वर्ष 2025-26 में 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि पिछले बजट में 25% वृद्धि जोड़ने पर यह लगभग 72 लाख होता है। इस अंतर को लेकर क्या योजना है, अवगत कराया जाए। 4. कर एवं जलकर (पेज नं. 03) – वर्ष 2025-26 व 2027 के आंकड़े समान (कर – 46,54,00,000 एवं जलकर – 6,55,20,000) क्यों हैं, जबकि दरों में वृद्धि हुई है? साथ ही जलकर में भारी खर्च के बावजूद नागरिक एक दिन छोड़कर पानी पीने को मजबूर हैं। 5. करारोपण मद (पेज नं. 07) – वास्तविक खर्च 6,92,000/- में 25% जोड़ने पर 6,65,000/- होता है, जबकि बजट में 1,13,15,15,000/- दर्शाया गया है। इतना बड़ा अंतर क्यों है? 6. भूमि किराया एवं नजुल आय (पेज नं. 05) – अनुमानित आय 1 करोड़ दर्शाई गई है, जबकि वास्तविक आय 35,05,523/- है। इस अंतर का कारण क्या है? नगरपालिका की कृषि भूमि कहां स्थित है और उसका उपयोग कौन कर रहा है? 7 विद्युत मंडल पर संपत्ति कर – क्या नगरपालिका विद्युत मंडल की संपत्तियों से संपत्ति कर वसूल रही है? जबकि जानकारी के अनुसार कर वसूली नहीं हो रही, जबकि बकाया होने पर विद्युत कनेक्शन काट दिए जाते हैं। 8.नगरपालिका कॉम्प्लेक्स निर्माण (पेज नं. 05) – सब्जी मंडी एवं नवीन कॉम्प्लेक्स हेतु 90 करोड़ का प्रावधान पिछले 10 वर्षों से क्यों रखा जा रहा है? संबंधित भूमि खाली हुई या नहीं, फाइल की स्थिति क्या है? 9. वाहन किराया व्यय (पेज नं. 18) – सीएमओ, अध्यक्ष एवं अन्य वाहनों पर 6,21,000/- व्यय के साथ 30 लाख का अनुमानित बजट क्यों रखा गया? क्या नई गाड़ियां ली जाएंगी या सभी सभापतियों को वाहन देने का निर्णय है? 10.पेयजल राइजिंग लाइन (पेज नं. 19) – 30 लाख का प्रावधान पिछले दो बजट से किया जा रहा है, जबकि शहर पुरानी पाइपलाइन के कारण जल समस्या से जूझ रहा है। बजट का उपयोग क्यों नहीं हो पा रहा? 11.स्पेशल असेसमेंट योजना (पेज नं. 20) – 33 करोड़ रुपये जलाशय एवं पिकनिक स्पॉट सौंदर्यीकरण हेतु रखे गए हैं, जबकि वास्तविक खर्च शून्य है। योजना क्या है, स्पष्ट किया जाए। 12.गर्मी में पेयजल व्यवस्था (पेज नं. 21) – 28 लाख का प्रावधान किया गया है, जबकि वास्तविक खर्च 8,23,000/- है। इस राशि का उपयोग कैसे किया जाएगा? 13.सफाई कर्मचारियों की वर्दी (पेज नं. 22) – 25 लाख का प्रावधान होने के बावजूद प्रतिवर्ष वर्दी क्यों नहीं दी जा रही? खर्च क्यों नहीं हो पा रहा? 14. शिवना शुद्धिकरण कार्य (पेज नं. 21) – 5 करोड़ का प्रावधान रखा गया है, जबकि पूर्व में भी यह राशि रखी गई थी। बिना बड़े बजट के विधायक विपिन जैन के प्रयासों से शिवना नदी जलकुंभी से मुक्त हुई है। 15.बजट में बचत बनाम वेतन संकट – डेढ़ करोड़ की बचत दर्शाई जा रही है, जबकि कर्मचारियों को वेतन देने में समस्या है और ठेकेदार राशि के अभाव में कार्य नहीं कर रहे हैं। अंत में, रफत पयामी ने मांग की कि उपरोक्त सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी नगर पालिका की आम बजट बैठक में पटल पर प्रस्तुत की जाए, ताकि नगर हित में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।