पालक संघ जिला इकाई एवं महिला विंग जिला इकाई नीमच के बैनर तले बुधवार 1 अप्रैल को एक साथ कलेक्टर परिसर में नारेबाजी करते हुए कलेक्टर के प्रतिनिधि पराग जैन डिप्टी कलेक्टर को अपना 09 सूत्रीय ज्ञापन पालक संघ जिला इकाई नीमच के जिला अध्यक्ष जगदीश शर्मा की और से ज्ञापन का वाचन कर सौंपा गया। ज्ञापन प्रस्तुत करने के दौरान शहर के सामाजिक कार्यकर्ता किशोर जेवरिया पालक संघ जिला इकाई नीमच के पदाधिकारी बालकृष्ण सोलंकी, कपील शुक्ला, नागेश जोगणिया, सतीश शर्मा, महिला विंग पदाधिकारी आशा सांभर, उषा मित्तल, मंजु जोगनिया, श्वेता शर्मा एडवोकेट, स्कूली बच्चे अश्विता , जयंत शुक्ला की उपस्थित थे । ज्ञापन की अतिरिक्त मुख्य प्रति कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के पर्सनल नाम की बंद लिफाफे में अलग से सौंपी गई। इस संबंध में जानकारी देते हुए पालक संघ महिला विंग की जिला मीडिया प्रभारी श्रीमती आशा सांभर ने प्रेस नोट के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि जिले के छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों के हितों के संरक्षण से संबंधित ज्ञापन में निजी स्कूलों में मानवाधिकार आयोग के दिशा निर्देशों एवं शासनादेश के पालन में स्कूल बैग पॉलिसी 2020 का पालन कराया जाने , निजी स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर्स की मिली भगत से अनावश्यक महंगी किताबें का बोझ कम किया जावे जिससे कि पालकों के ऊपर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। जिला मुख्यालय के लिए 4 वर्ष पूर्व 40 करोड़ की राशि से स्वीकृत सीएम राइज सांदीपनि विद्यालय भवन निर्माण कार्य शासन द्वारा प्रारंभ न कराया जाकर जिला मुख्यालय पर मिली सौगात बजट शासन द्वारा लैंप्स कराकर जिले के आर्थिक रूप से पिछड़े पालकगणो के छात्र-छात्राओं को सर्वसुविधायुक्त भवन में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा ग्रहण करने से वंचित किया जा रहा जिससे पालक संघ सहित जिले के पालकगणो में काफी आक्रोश उत्पन्न हो रहा है यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो शहर के पालगगणो को साथ लेकर पालक संघ को उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा जिसका उत्तरदायित्व जिला प्रशासन सहित राज्य शासन का होगा। अपने मांग पत्र में यह भी बताया गया कि CBSE ने नोटिफिकेशन जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल NCERT की किताबें ही चलेगी और शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 मध्य प्रदेश पेस्ट पुस्तकअधिनियम 1973 राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग द्वारा जारी निर्देशों के तहत किताबों कानिर्धारण शासन का विषय है न कि स्कूलों काइसके बावजूद प्राइवेट पब्लिशर्स की मिलीभगत सेकाफी महंगी किताबो का बोझ बच्चों पर एवं उनके पालकगणो पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। ज्ञापन में जिला मुख्यालय सहित जिले में चल रहे निजी विद्यालयो में पर्याप्त कमरो की संख्या (उपलब्धता ),खेलमैदानपुस्तकालय , प्रयोगशाला ,कम्प्यूटर कक्ष शुद्ध पेयजल,शोचालय आदि की पृथक पृथक सुविधाएं हैं अथवा नहीं? विद्यालय को जारी मान्यता के संबंध नियमों का पालन हो रहा अथवा नहीं ? जांच कराई जाए। निजी स्कूलों में शिक्षा विभाग के माध्यम से फीस नियम 2020 एवं सीबीएसई उप नियम 2018 की धारा 12 के तहत नियमानुसार जांच कराई जावे यदि शासन के नियमों के विरुद्ध अनावश्यक फीस बढ़ाई जा रही तो उचित कार्यवाही नियमानुसार कराकर जांच कर की गई कार्यवाही का बिन्दुवार प्रतिवेदन से पालक संघ को अवगत कराने का अनुरोध किया गया।