नीमच। युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनमोहन सिंह "मन्नू बना" ने नयागांव बॉर्डर क्षेत्र से जुड़े वायरल वीडियो को लेकर भाजपा सरकार, प्रशासन और जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो ने क्षेत्र में लंबे समय से चल रही कथित अवैध गतिविधियों की ओर गंभीर संकेत दिए हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए। मन्नू बना ने कहा कि नयागांव बॉर्डर पर यदि इस प्रकार की गतिविधियां लंबे समय से संचालित हो रही थीं तो संबंधित विभाग, पुलिस और जनप्रतिनिधि इससे अनजान कैसे रहे? उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर ट्रक चालकों से कथित अवैध वसूली की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियों ने कभी गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि जावद विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। क्षेत्र की जनता जानना चाहती है कि वायरल वीडियो में सामने आए तथ्यों और कथित अवैध गतिविधियों को लेकर उनकी क्या भूमिका रही है तथा उन्होंने इन्हें रोकने के लिए क्या प्रयास किए। युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और सुशासन की बात करते हैं, लेकिन नयागांव बॉर्डर का मामला सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। यदि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ वास्तव में गंभीर है तो उसे इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए। मन्नू बना ने पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और मामले को लेकर सार्वजनिक चर्चा हो रही है, तब तक किसी बड़ी कार्रवाई का सामने नहीं आना संदेह पैदा करता है। उन्होंने पूछा कि आखिर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है और किसके दबाव में जांच आगे नहीं बढ़ रही है? उन्होंने मांग की कि वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जाए, कथित अवैध वसूली और अन्य गतिविधियों से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल हो तथा यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी, राजनीतिक व्यक्ति या प्रभावशाली समूह की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाए। मन्नू बना ने चेतावनी दी कि यदि मामले को दबाने या लीपापोती करने का प्रयास किया गया तो युवा कांग्रेस जिलेभर में आंदोलन करेगी और जनता के साथ मिलकर जवाबदेही तय कराने के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि नयागांव बॉर्डर का मामला केवल एक वायरल वीडियो का नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता, कानून व्यवस्था और जनता के विश्वास से जुड़ा हुआ है।