नीमच। उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग नीमच द्वारा अगवत कराया गया है कि मध्यप्रदेश सीमावर्ती राज्यों में गाय भैसों में लम्पी स्कीन डिसिस के रोग उदभेद की सूचना के आधार पर संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी विभाग मप्र भोपाल के पत्र कमांक 8928/प.चि. / 2022-23 दिनांक 07.09.2022 उक्त रोग के संबंध में एडवाइजरी जारी कर गाईड लाइन अनुसार रोग नियंत्रण हेतु संकमित जगह से पशु परिवहन (गौवंश-मैसवंश) पर रोक लगाने के निर्देश जारी हुये है। वर्तमान में राजस्थान के कई सीमावर्ती जिलो में इस रोग का उदभेद देखा गया है। यह एक विषाणुजनित बीमारी है जो कि पशुओं के सम्पर्क में आने वे व मक्खी / मच्छरों से पशुओं को काटने से बहुत तेजी से फैलती है इस संक्रमण बीमारी से यद्यपि अधिकतर संकमित पशु 2 से 3 सप्ताह में ठीक हो जाते है किन्तु दुग्ध उत्पादन में कमी कई सप्ताह तक बनी रहती है मृत्यु दर 1 से 5 प्रतिशत है किन्तु संकामकता कि दर 10 से 20 प्रतिशत रहती है। वर्तमान परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए नीमच जिले की सीमाओं से राजस्थान राज्य एवं सीमावर्ती जिलों से उक्त पशुओं के परिवहन एवं व्यक्तिगत तौर पर अन्य रास्तों से आवागमन पर दण्डप्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये जाने का अनुरोध किया गया ।
उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग नीमच से प्राप्त प्रतिवेदन की अनुशंसा के आधार पर मैं मयंक अग्रवाल, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला नीमच मप्र सम्पूर्ण नीमच जिले में लोक प्रशांति कायम रखने किसी अप्रिय स्थिति तथा जन-धन की हानि की रोकथाम के लिए तत्काल प्रभाव प्रभाव से आगामी आदेश तक के लिये दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निम्नानुसार प्रतिबन्धात्मक आदेश जारी करता हूँ :
1.) किसी भी व्यक्ति या संस्थान द्वारा गौवंश / भैंसवंश का परिवहन किसी भी प्रकार के वाहन या व्यक्तिगत पैदल रूप से राजस्थान राज्य एवं उसकी सीमाओं से जुड़े जिलो से नीमच जिले में नहीं करेगा।
2.) संकमित क्षेत्र के केन्द्र बिन्दु से 10 किलोमीटर परिधि क्षेत्र में पशु बिकी बाजार पूर्णतः प्रतिबंधित होगी।
3.) संकमित क्षेत्र से अन्य आस पास के क्षेत्र में उक्त प्रकार के पशुओं का आवाजाही प्रतिबंधित होगी
4.) सकमित पशुधन के मालिक सकमित पशुओं को अपने संसाधन से पेयजल उपलब्ध करवायेंगें / संकमित पशुओं को सार्वजनिक होद / स्थान पर पेयजल हेतु नहीं ले जाया जायेगा।
5.) गौशाला संचालक एवं गौ सेवा से संबंधित संक्रमित पशुओं के ईलाज / सुरक्षा हेतु संक्रमित पशुओं को अन्य पशुओं से पृथक रखना होगे।
6.) नगर पालिका नीमच, ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय एवं अनुविभागीय अधिकारी अपने- अपने क्षेत्र में ऐसे क्षेत्र जहां लोगो द्वारा पशुपालन किया जाता है मक्खी / मच्छर के नियंत्रण हेतु आवश्यक किटनाशकों का छिडकाव किया जाना सुनिश्चित करेंगे।
यदि कोई व्यक्ति अपर्युक्त आदेश का उल्लंघन करेगा तो वह भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध का दोषी होकर उसे विधि प्रावधानों के तहत अभियोजित किया जावेगा। उक्त आदेश सर्वसाधारण को संबोधित है और चूंकि इसकी तामिली प्रत्येक व्यक्ति पर सम्यकरूपेण कराना और उसकी सुनवाई संभव नहीं है अतः दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (2) के अंतर्गत यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया जाता है।