नीमच में खबर प्रकाशित करने को लेकर हुए विवाद ने 8 साल बाद कानूनी अंजाम देखा। न्यायालय ने मामले में डॉ. संजय गुप्ता (53) और डॉ. सुजाता गुप्ता (52), निवासी गुप्ता नर्सिंग होम, नीमच को भारतीय दंड संहिता की धारा 323/34 एवं 342 के तहत 3-3 माह के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं अन्य दो आरोपी दिलीप बसेर (29) और रामप्रहलाद उर्फ प्रहलाद बसेर (29), निवासी जिला मंदसौर को धारा 323/34, 342 एवं 452 आईपीसी के तहत 3-3 माह के सश्रम कारावास के साथ एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। क्या था मामला? अभियोजन के अनुसार घटना 8 मार्च 2018 की है। इससे एक दिन पहले डॉ. संजय गुप्ता ने पत्रकार राकेश सोन को एक समाचार के संबंध में नर्सिंग होम बुलाया था। अगले दिन पत्रकार अपने कैमरामैन के साथ वहां पहुंचे, जहां बातचीत के दौरान विवाद हो गया। आरोप है कि इसी दौरान डॉ. गुप्ता ने पत्रकार के साथ मारपीट शुरू कर दी। बाद में अन्य आरोपी भी मौके पर पहुंचे और केबिन बंद कर पत्रकार के साथ लात-घूसों से हमला किया। घटना के दौरान पत्रकार का चश्मा भी टूट गया। आरोपियों ने पास के मेडिकल स्टोर संचालक महावीर जैन को भी जबरन केबिन में बुलाकर मारपीट की। परिजनों के पहुंचने के बाद स्थिति शांत हुई और पीड़ित ने नीमच सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। कोर्ट में क्या हुआ? प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीपीओ विपिन मंडलोई ने प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों के बयान कराए। सभी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी मानते हुए कारावास और अर्थदंड से दंडित किया।