नीमच। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के निर्देशन में आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को ग्राम पालसोड़ा, तहसील नीमच में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी सामूहिक एवं व्यक्तिगत समस्याएं सुनीं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर चंद्रा ने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविरों का उद्देश्य प्रशासन को गांव तक पहुंचाकर नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान करना है। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा जिन प्रकरणों का मौके पर निराकरण संभव है, उनका तत्काल निराकरण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। शिविर में ग्रामीणों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की कमी की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। इस पर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने मंदसौर जिले स्थित इथेनॉल प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट जल के रेतम नदी में प्रवाहित होने से जल प्रदूषण, पशुओं की मृत्यु तथा आसपास के जल स्रोतों के प्रभावित होने की शिकायत भी की। इस पर कलेक्टर ने बताया कि एसडीएम नीमच द्वारा संबंधित इकाई को नोटिस जारी किया जा चुका है तथा प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्राम में खेल मैदान की मांग पर कलेक्टर ने तहसीलदार को उपयुक्त शासकीय भूमि चिन्हित कर खेल मैदान हेतु आवंटन की कार्रवाई करने तथा वर्षा ऋतु के उपरांत आवश्यक कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने पालसोड़ा-चाल्दू मार्ग का उन्नयन, जैतपुरा से पालसोड़ा तक पक्की सड़क निर्माण, पालसोड़ा से मेलकी मेवाड़ मार्ग के शोल्डर सुधार, विद्यालय में शिक्षकों की पदस्थापना तथा बिना नंबर प्लेट एवं अवैध रूप से संचालित वाहनों पर कार्रवाई की मांग भी रखी। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी मांगों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शिविर में शासन द्वारा संधारित मंदिरों तक पहुंच मार्ग, विद्युत प्रकाश व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, नीलगायों से फसलों को हो रहे नुकसान की रोकथाम तथा ग्राम में श्मशान भूमि की व्यवस्था संबंधी मांगें भी रखी गईं जिस पर कलेक्टर ने उचित कार्रवाई के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए। पिपलिया गांव में ट्रांसफार्मर बदलने की मांग पर कलेक्टर ने विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री को 31 जुलाई तक नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने के निर्देश दिए। रेतम नदी पर निर्मित बांध की जर्जर स्थिति की शिकायत पर कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री को नवीन बांध निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए। राजस्व संबंधी शिकायतों की सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने रास्ता विवादों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का यथासंभव आपसी सहमति से समाधान कराया जाए। साथ ही सीमांकन, नक्शा, खसरा, नामांतरण, रजिस्ट्री एवं अन्य राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश संबंधित एसडीएम एवं राजस्व अधिकारियों को दिए। ग्रामीणों की आधार संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्टर ने 25 जुलाई को ग्राम पालसोड़ा में विशेष आधार शिविर आयोजित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के समक्ष ग्रामीणों ने गांव में हुई चोरी की घटनाओं तथा शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने का विषय रखा। इस पर पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारी को प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक गांव में युवाओं की सहभागिता से ग्राम रक्षा समितियों के गठन पर बल देते हुए कहा कि इससे सामुदायिक सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा अपराधों की रोकथाम में जनसहभागिता बढ़ेगी। शिविर में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश, एसडीएम पराग जैन, डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता करते हुए अपनी समस्याएं एवं सुझाव प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए।