नीमच। मानवता और सेवा के क्षेत्र में नीमच का 'अन्नपूर्णा सेवा न्यास' एक प्रेरणा बनकर उभरा है। 17 जुलाई 2021 को शुरू हुई 'अन्नपूर्णा प्रसादम भोजन रथ' सेवा आज अपने सफल 5 वर्ष पूरे कर रही है। इन पाँच वर्षों में संस्था ने 7 लाख से अधिक जरूरतमंदों तक सम्मानपूर्वक पौष्टिक भोजन पहुँचाकर सेवा का एक कीर्तिमान स्थापित किया है।
सेवा का संकल्प और समर्पण
जिला चिकित्सालय और शहर के प्रमुख निजी चिकित्सालयों (गोमाबाई नेत्रालय, चौड़ड़िया, गुप्ता एवं श्रीराम हॉस्पिटल) में आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए यह भोजन रथ किसी संजीवनी से कम नहीं है। मात्र ₹20 के किफायती शुल्क में यह 'प्रसादम' शुद्धता और पोषण का प्रतीक है।
इस सेवा की मुख्य विशेषताएं:
पौष्टिक थाली: हर थाली में दो तरह की सब्जी, पूड़ी, पराठा और विशेष दिनों में चावल व मिठाई का समावेश।
त्योहारों पर अपनत्व: होली, दीपावली, रक्षाबंधन से लेकर नवरात्रि तक, संस्था हर पर्व पर विशेष व्यंजन वितरित कर जरूरतमंदों को घर जैसा एहसास कराती है।
निर्धारित समय: प्रतिदिन प्रातः 10:30 बजे भोजन रथ निर्धारित केंद्रों पर पहुँचकर सेवा का क्रम जारी रखता है।
कृतज्ञता का भाव
इस गौरवपूर्ण अवसर पर संस्था के संयोजक श्री राकेश पप्पू जैन, अध्यक्ष श्री राम गोडबोले एवं सचिव श्री प्रकाश मंडवारिया ने शहर के सभी दानदाताओं और निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले 'प्रसादम परिवार' के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि, "ये 7 लाख थालियाँ मात्र भोजन नहीं, बल्कि 7 लाख बार मानवता और संवेदना की जीत का प्रतीक हैं।"
अन्नपूर्णा सेवा न्यास की यह यात्रा साबित करती है कि यदि सेवा का भाव सच्चा हो, तो समाज के सहयोग से बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।