KHABAR : 13 साल पुराने मामले में ​​​​​​​नपा कर्मियों को भेजा जेल, पाइप घोटाले में आरोपी दोषी करार,12 मई को सुनाई जाएगी सजा, पढ़े खबर

MP 44 NEWS May 10, 2023, 5:54 pm Technology

वर्ष 2009 में नगरपालिका में नलकूप खनन के दौरान पाइप खरीदी में हुए घोटाले के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश सोनल चौरसिया ने महत्वपूर्ण आदेश में आरोपियों को दोषी करार दिया है। आरोपियों को जेल भेज दिया है। दोषियों के दंड या जुर्माने के प्रश्न पर सुनवाई 12 मई को होगी। गौरतलब है कि वर्ष 2009 में नीमच शहर में पेयजल संकट के मद्देनजर जगह-जगह नलकूप खनन करवाए जा रहे थे, लेकिन नलकूप खनन में लगाए जाने वाले पाइप में ही जिम्मेदारों ने घोटाला कर दिया। इस मामले में भाजपा नेता गुरमीत सिंह वधवा ने शिकायत कर जांच करने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में बताया था कि नलकूप खनन के टेंडर में भी गड़बड़ी की गई है। टेंडर सहित अन्य प्रक्रियाओं की नोट शीट तत्कालीन सीएमओ कैलाश सिंह गेहलोत द्वारा उन तिथियों में लिखी गई जब वे निलंबित थे। शिकायत के बाद कलेक्टर के आदेश पर तत्कालीन परियोजना अधिकारी डूडा एस. कुमार द्वारा प्रारंमिक जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्रथम दृष्टया मामले में गड़बड़ी सिद्ध पाई गई। तत्कालीन अपर कलेक्टर कैलाश वानखेडे़ द्वारा प्रतिवेदन पुलिस को भेजा गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रारंभिक जांच के बाद कैंट थाने पर धारा 420, 467, 468, 120 बी तथा भृष्टाचार निवारण अधिनियम 198 की धारा 18(11)- 1/2 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। प्रकरण दर्ज कर विवेचना उपरांत न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। अपर लोक अभियोजक इमरान खान ने बताया कि प्रकरण की जांच और विवेचन में जो तथ्य आए उनके अनुसार नलकूप, हैंडपंप खनन के लिए एमएस केर्सिग पाइप खरीदी, स्वीकृति, कोटेशन, टैंडर, सामग्री प्रदान के आदेश आदि की नोटशीट में कई गड़बड़ियां सामने आई। 245 मीटर का 200 एमएम पाइप क्रय किया जाना बताया गया, जिसकी कीमत 2 लाख 96 हजार 500 रुपए थी। पाइप के बिलों में भी गड़बड़ी पाई गई दर्शाए गए पाइप तकनीकी रूप से ट्यूबवेल खनन से मेल नहीं खाते। इसमें तत्कालीन सीएमओ ने भुगतान भी टुकड़ों में किया क्योंकि सीएमओ को तब 10 हजार से अधिक, राशि के भुगतान के लिए चैक जारी करने का अधिकार नहीं था। इतनी लंबी अवधि तक न्यायालय में चले इस प्रकरण में तत्कालीन अपर कलेक्टर और वर्तमान आगर कलेक्टर कैलाश वानखेडे़, तत्कालीन एडिशनल एसपी विनीत जैन, तत्कालीन सीएसपी श्यामसिंह मरावी सहित 40 से अधिक गवाहाें के साक्ष्य कराए गए। प्रकरण सुनवाई उपरांत विद्वान अपर सत्र न्यायाधीश सोनल चौरसिया द्वारा आरोपी तत्कालीन सीएमओ कैलाशसिंह गेहलोत, उप यंत्री राकेश शाक्यवार, सहायक यंत्री वीरपाल सिंह मदीरिया, कार्यपालन यंत्री एन वर्मा, लिपिक रफीक पठान, विजय सिंह जैन, अरर्विद व्यास, लेखाधिकारी दिनेश मित्तल, प्रभारी लेखा सुरेश सेन, ऑडिटर कमलेश मीणा, मांगीलाल सौलंकी, एके खंडेल आदि को दोषी माना। इस प्रकरण में 5-6 आरोपी की मृत्यु हो चुकी है जबकि 2-3 रिटायर्ड हैं। इनका कहना है वर्ष 2009 के चर्चित पाइप खरीदी घोटाले के लगभग एक दर्जन आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश ने आदेश में दोष सिद्ध माना है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। किसको किस धारा में कितनी सजा या जुर्माना हो सकता है। यानि दंड के प्रश्न पर सुनवाई 12 मई को होगी।

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