नीमच। मध्य प्रदेश और राजस्थान के अफीम किसान आज नीमच कलेक्टर कार्यालय पर अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर लामबंद हुए। इन अफीम किसानों ने भारतीय अफीम किसान विकास समिति के बैनर तले राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में अफीम किसानों द्वारा वर्षों से लंबित मांगों को लेकर फिर आवाज बुलंद की गई। अफीम किसानों की मुख्य मांग है कि 1995 और 96 से रुके हुए सभी लाइसेंस सरकार जारी करें। किसानों का कहना है कि सीपीएस पद्धति में डोडाचूरा का भाव 200 रूपए किलो हैं। लागत ज्यादा होने के कारण इसका भाव 500 रुपए प्रति किलो दिया जाए। वर्षों से चले आ रहे अफीम के भाव में बढ़ोतरी कर 5 हजार रुपए प्रति किलो का भाव दिया जाए। किसानों ने ज्ञापन में यह मांग भी उठाई की लांचिंग पद्धति में डोडा में मॉर्फिन शून्य होती है। इसलिए 8 बटा 29 धारा हटाई जाए। किसानों का कहना था कि 5 लाख नए लाइसेंस जारी किये जाए। अफीम किसानों को 10 आरी के बजाय 15 आरी के लाइसेंस दिए जाएं। मालवा और मेवाड़ के किसानों ने फिर एक बार सीपीएस पद्धति को हटाने की मांग को पुरज़ोर तरीके से दोहराया। ज्ञापन देते समय रामनारायण जाट, अंबालाल जाट, परसराम पाटीदार, बद्रीलाल शर्मा, परसराम रावत, भूरालाल साहू और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में कलेक्टर कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की।