साठ लाख से अधिक की लागत से सरवानिया चारभुजानाथ मंदिर का जिर्णोद्धार होगा। नागर शैली और वास्तुकला को सफेद मार्बल पर उकेरा जायेगा। समिति ने प्रारंभिक तैयारियां की , अब शिघ्र होगा अमल ,पढ़े खबर

December 19, 2022, 6:40 pm Technology

नीमच। सरवानिया महाराज के चारभुजानाथ के मंदिर का करीब साठ लाख से अधिक की राशि से जिर्णोद्धार किया जावेगा जो आधुनिक तथा भारतवर्ष की संस्कृति के हिसाब से नागर लिपि मे होगा। शहर के भक्तों का एक विशाल मंदिर का सपना अब जनसहयोग से धरातल पर उतरेगा। आकर्षक डिजाइनिंग और सफेद संगमरमर के साथ साथ व्हाइट कुमारी राजस्थान के पत्थर मे मंदिर को मोडीफाइड करने की योजना को अंतिम रुप दिया जा रहा है। ऐसा होजाने के बाद शहर के सदर बाजार मे स्थित श्रीचारभुजा नाथ का यह धाम अपने आप मे एक भव्य और ऐतिहासिक धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु होगा। शहर के चारभुजानाथ के बड़ीसंख्या मे भक्त गण है और श्रीचारभुजा नाथ का पुरे शहर मे अपना अलग प्रभाव है। _________________________ पुरे शहरवासियों का बड़ा मंदिर ........................................... शहर के सदर बाज़ार मे स्थित श्रीचारभुजा नाथ जी का यह प्राचीन और शहर का बड़ा मंदिर है। और वर्तमान मे इस मंदिर की छत बारिश काल मे टपकती है । छत जिर्णशिर्ण हो गई है। इसे देखते हुवे समिति ने इस मंदिर के जिर्णोद्धार का सपना देखा और उस पर काम करना शुरु कर दिया है। जब शहरवासियों की भावना अनुरूप मंदिर बनकर तैयार हो जायेगा तब भगवान चारभुजानाथ का यह मंदिर नागर शैली और वास्तु कला का उत्कृष्ट उदाहरण होगा। मंदिर जिर्णोद्धार को लेकर विगत एक माह मे मंदिर निर्माण समिति द्वारा दो बैठक समिति सदस्यों की तथा तिसरी बैठक सभी शहरवासियों की कर मंदिर को नये नक्से एंव भारतीय संस्कृति समृद्धि और विरासत के मान से बनाने की रुपरेखा तैयार कर उसपर काम किया जा रहा है। भारत मे मंदिर मुख्य रुप से तीन प्रकार की शैली मे बनाए जाते है। नागर , द्रविड़ , बेसर ये तीनों शैलियां अलग अलग प्रांतों मे प्रचलित है । भारत के मध्यप्रदेश मे ये मंदिर अक्सर नागर शैली मे बनाए जाते है। जिसमें गर्भ ग्रह देवस्थल , शिखर रेखा प्रसाद , मण्डप भक्त कक्ष , प्रवेश द्वारा , तथा वेदी तथा पुर्व मुख के साथ साथ वास्तु कला का विशेष ध्यान रखा जाता है। _________________________ आकंड़ा मोटा लेकिन पुरे शहर के सामने छोटा .......................................... मंदिर जिर्णोद्धार की जो लागत निकलकर आई है वो एक मोटी रकम है। लेकिन पुरे शहर के सामने यह आंकड़ा बहुत छोटा है। जिर्णोद्धार मे लगने वाली रकम को शहर वासियों से जन सहयोग कर पुरा किया जावेगा करीब दो हजार परिवारों मे प्रत्येक परिवार से सालाना 2100/- रुपये तथा कोई दानदाता अधिकतम राशि भेंट करेगा तो प्राप्त कर मंदिर जिर्णोद्धार को अंतिम रुप दिया जायेगा। यह राशि भक्तों से सुविधा अनुसार भी प्राप्त की जा सकेगी। मंदिर निर्माण को लेकर राजस्थान के सिरोही के पास स्थित सोमपुरा , बुंदी व राजसंमद के नागर शैली के विशेषज्ञ कांन्ट्रेक्टर , डिजाइनर , और वास्तु कला के जानकारों से निविदाएं आंमत्रित कर उनपर कोटेशन एनालिसिस किया जा रहा है। बहुत जल्दी ही मलमास समाप्ति पर मंदिर जिर्णोद्धार को अंतिम रुप देकर आधारशिला रखी जायेगी। _________________________ रविवार को बैठक ये रहे मौजूद ........................................... रविवार रात्रि मे श्रीचारभुजा मंदिर परिसर पर एक बैठक आयोजित की गई जिसमें श्रीचारभुजा मंदिर समिति के साथ साथ शहरवासियों ने भाग लेकर मंदिर जिर्णोद्धार की योजना को स्विकृती प्रदान की। सुरेश जाट , जितेंद्र चण्डक , रामनिवास जाट , राजेश प्रताप सिंह राणावत , रामेश्वर बाहेती , गोविंद पाल , जगदीश चंद्र मालू , रमेश पलोड़ , बंशीलाल राठौर , बंशीलाल टेलर , उदयराम धोबी , चंन्द्रनारायण पालीवाल , देवीलाल पाल , कन्हैयालाल भोई , डा.सुनील राठौर , रमेश राठौर ,वासुदेव टेलर , रामचंद्र सेन , केलाशचंन्द्र मालू ,गोपीलाल टेलर , रामनिवास राठौर , प्रभूलाल प्रजापत , सत्यनारायण मालू , पूरणमल पाटीदार , जगदीश राठौर , विनोद राठौर , बबन जाट , जुझार सिंह राजपूत , गोपाल धोबी , नंदकिशोर धोबी , ईश्वरदास बैरागी , मोहनदास बैरागी , अरविंद मालू , चांदमल टांक , सुरेश राठौर , दिनेश मालू ,मोहनलाल राठौर , गणेश राठौर , मुकेश राठौर सहित अनेक शहरवासी उपस्थित थे। ------------------------------------------- जिर्णोद्धार को लेकर मंथन, शिघ्र योजना पर काम शुरु ........................................... चारभुजा नाथ मंदिर की छत टपकती है ,मंदिर जिर्णोद्धार को लेकर लगातार बैठकें कर मंथन किया , सहमति पर करीब साठ लाख से अधिक लागत पर मंदिर का जिर्णोद्धार किया जा रहा है जिसमें नगर के सर्व हिंदू समाज से साल की इंस्टालमेंट के जरिए तथा अन्य बड़े दानदाताओं से राशि एकत्रित कर मंदिर को आकर्षक नागर शैली मे वास्तुकला मे मोडिफाइड किया जावेगा। योजना शिघ्र की अमल मे आजायेगी। सुरेशचंद्र जाट , अध्यक्ष श्रीचारभुजा मंदिर समिति सरवानिया महाराज।

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