KHABAR : चंबल नदी में ऊदबिलाव और कुत्ते आमने-सामने एक-दूसरे पर हमला करने की कोशिश, मगरमच्छ से बचकर कर रहे हैं प्रजनन, पढ़े खबर

MP 44 NEWS April 10, 2023, 7:24 pm Technology

रावतभाटा से कोटा तक चंबल नदी में जल मानुष जानवर ऊदबिलाव देखा गया है। नदी में मगरमच्छों से बचते हुए ये अपना कुनबा बढ़ाने में लगे हैं। इतना ही नहीं, अपनी जगह और खाने के लिए कुत्तों से भी लड़ते देखा गया है। इस एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें ऊदबिलाव और कुत्ते आमने-सामने एक-दूसरे पर हमला करने की कोशिश करते हैं। इन दिनों रावतभाटा ऊदबिलाव का परमानेंट एड्रेस बन गया है। चंबल नदी में एक हजार से ज्यादा मगरमच्छ हैं। नदी किनारे कुत्ते भी खड़े रहते हैं। दोनों से बचते हुए 70 से ज्यादा ऊदबिलाव लगातार प्रजनन कर रहे हैं। ऊदबिलावों और कुत्तों की लड़ाई हाल में रावतभाटा से पार्षद अनिल बलसोरी चंबल नदी पर घूमने गए थे। इस दौरान उन्होंने ऊदबिलाव और कुत्तों के बीच लड़ाई का वीडियो बना लिया। नदी किनारे कुछ कुत्तों का झुंड था। कुत्तों की आवाज सुनकर ऊदबिलाव किनारे की तरफ जाने लगे। जैसे ही वे किनारे पर पहुंचे कुत्तों ने हमला करने की कोशिश शुरू की। अपने क्षेत्र में कुत्तों को देखकर और अपने खाने को बचाने के लिए ऊदबिलाव सामने खड़े हो गए और चिल्लाने लगे। कुत्ते इधर-उधर भाग कर परेशान होने लगे। ऊदबिलाव के तेवर देखकर कुत्तों को भी पीछे हटना पड़ा। ऊदबिलावों और कुत्तों के बीच यह संघर्ष काफी देर तक चला और फिर वे वापस नदी में चले गए। कुत्तों के हमले से ऊदबिलाव घायल हो सकते थे लेकिन वे डरे नहीं और डटे रहें। चट्टानों के पास गुफा बनाकर रहते वन्यजीव विशेषज्ञ देवकीनंदन बताते है कि ऊदबिलाव का मुख्य आवास मीठे पानी की नदियां हैं। ऊदबिलाव का काफी समय किनारों पर धूप सेंकते और खेलते हुए बीतता है। इनकी गुफ़ा भी नदी के किनारे चट्टानों के पास ही होती है,जहां ये बच्चे देते हैं। इस बीच कई बार इन्हें कुत्तों के साथ मुठभेड़ का सामना करना पड़ता है। मछलियों का शिकार कर पेट भरते ऊदबिलाव समुद्र किनारे भी मिलते हैं। यह एक सोशल प्राणी है और अधिकतर 8 से 10 के समूह में रहते हैं। मुख्य तौर पर मछलियों का शिकार करते है, लेकिन चूहे केकड़े, साप, कीड़े- मकोड़े भी खाते हैं। प्रजनन का समय अक्टूबर से जनवरी है। एक बार में 4 से 6 तक बच्चे देते हैं। चंबल नदी में भी ऊदबिलाव मछलियों का शिकार कर अपना पेट भर रहे हैं। जल मानुष नाम से पहचाने जाते स्मूथ कोटेड ऑटर... जिसे चिकनी फर वाला ऊद कहा जाता है। यह इंसान की तरह खड़ा हो जाता है और इसका शरीर इंसान जैसा दिखता है। पानी में रहता है, इसलिए इसे जल मानुष कहते हैं। यह चिकनी खाल और बालों वाला जानवर है। पानी और जमीन दोनों में रहता है। भारत में इनकी गिनती नहीं हुई औसत लंबाई 15 से 17 इंच होती है। यह देश के कई हिस्सों में और दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाता रहा है। इनमें 3 तरह के इंडिया में मिलते हैं। भारत में इनकी गिनती नहीं हुई है, इसलिए सही आंकड़ा नहीं मिलता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानकारी है कि यह कम हो रहे हैं। इसके बचाव के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और कर्नाटक सरकार काम कर रही है।

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