नीमच | कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने की अध्यक्षता में रबी उपार्जन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर खरीदी के संबंध में उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, जिला विपणन अधिकारी, जिला आपूर्ति अधिकारी, सहायक आयुक्त, क्षेत्रीय प्रबंधक,जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक उपस्थित थे। बारदानों की उपलब्धता-कलेक्टर चंद्रा ने जिला विपणन अधिकारी, नीमच को निर्देशित किया, कि जिले में स्थापित उपार्जन केन्द्रों पर खरीदी का अनुमान लगाकर सभी केन्द्रों पर पर्याप्त बारदान उपलब्ध करायें तथा भविष्य में आवश्यकता का आंकलन कर नियमित अंतराल पर जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम नीमच से समन्वय स्थापित करें, तथा परिवहन करावें, तथा उपार्जन केन्द्रो पर सिलाई मशीन, धागा, टेग, स्टेन्सील की व्यवस्था की जावे। उपार्जन केन्द्रो पर किसानों के बैठने, छाया पेयजल की व्यवस्था-कलेक्टर चंद्रा ने उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के बैठने की व्यवस्था, छाया एवं पीने के पानी की व्यवस्था एवं किसानों हेतु चाय नाश्ता स्टॉल की व्यवस्था भुगतान के आधार पर करने, के निर्देश भी दिए। सभी उपार्जन केन्द्रों पर आवश्यक उपकरण लेपटॉप, इन्वेटर, प्रिन्टर, स्केनर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए । किसान पंजीयन - बैठक में बताया गया, कि मध्य प्रदेश सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस साल केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। पंजीयन प्रक्रिया: किसान अपने गांव की ग्राम पंचायत, सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे में जाकर पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में भूमि स्वामी का सिकमीनामा अनुबंध शामिल है। बैठक में कलेक्टर ने उपार्जन केन्द्रों पर हम्मालों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है,कि उपार्जन कार्य में लगी सभी समितियों से संलग्न किसानों को एसएमएस के मान से अनुमानित आवक का आंकलन कर उपार्जित समितियों से हम्माल की व्यवस्था की जावे, तथा पर्याप्त संख्या में हम्माल हो, ताकि उसी दिन किसान के गेहॅू की तुलाई हो सकें। जिला विपणन अधिकारी ई-उपार्जन पोर्टल पर उनको प्रदाय लॉगिन आई डी से उपार्जन समितियों की मेपिंग शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता क्रमानुसार करें, तथा की गई मेपिंग की जानकारी जिला आपूर्ति अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत करे । उपार्जन केन्द्रों पर बेनर, फ्लेक्स आदि की व्यवस्था:-जिले में उपार्जन केन्द्र हेतु नियुक्त सहकारी समितियां शासन द्वारा निर्धारित नाप के बेनर पर निर्धारित जानकारी अनुसार आवश्यक बेनर जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम से प्राप्त कर उपार्जन केन्द्र पर सुलभ दृष्टि गोचर स्थान पर प्रदर्शित करें जिसमें विशेषकर एफएक्यू नार्मस प्रदर्शित करेगी तथा केन्द्र पर एफएक्यू परीक्षण के सभी उपकरण रखेगी। परिवहन एवं भुगतान करने की व्यवस्था:-जिला विपणन अधिकारी, निर्धारित परिवहनकर्ता से शासन द्वारा निर्धारित समय में उपार्जन केन्द्र से परिवहन कराने, तथा विलंब से परिवहन करने पर प्रक्रियानुसार पेनल्टी लगाने, मेपिंग अनुसार गोदाम में ही परिवहन कर, गेहॅू अनलोड कराने, गेहॅू अनलोड होते ही उनके स्वीकृति पत्रक उसी दिन जारी करने और किसानों को समय पर भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।