नीमच | राजस्थान की वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में गुरुवार को इन्वेस्ट इन एमपी के तहत “मध्य प्रदेश में निवेश के अवसर” पर इंटरेक्टिवस सेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों और उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने का आमंत्रण दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य राजस्थान के उद्योगपतियों, विशेषकर टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़े निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं से अवगत कराना था। इसी कार्यक्रम के दौरान उद्योग संगठनों ने नीमच जिले के पास टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की मांग रखी। उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि राजस्थान का सीमावर्ती जिला होने के कारण नीमच, राजस्थान और मध्यप्रदेश, दोनों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। भीलवाड़ा से मात्र 110 किमी की दूरी होने और नेशनल हाईवे 42 की बेहतर कनेक्टिविटी के कारण भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योंगों की बेहतर पसंद के रूप में नीमच सामने आ रहा है। भीलवाड़ा की औद्योगिक इकाईयों के विस्तार के लिए उद्योग जगत को यह बेहतर विकल्प लग रहा है। उद्योग जगत का कहना यह भी है कि यहां चल रही टेक्सटाइल यूनिट्स यह साबित करती हैं कि नीमच जिले में टेक्सटाइल उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण पहले से मौजूद है। यदि यहां संगठित टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जाता है, तो फैब्रिक, सूटिंग, टेक्निकल टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में बड़े निवेश आ सकते हैं। बन रहा है टेक्सटाइल उद्योगों की पसंद दरअसल नीमच के झांझरवाड़ा में विश्वेस्वरा डेनिन, स्वराज शूटिंग्स, ग्राम सोनयाना में सोनयाना टेक्सटाइल की युनिट लगी है। वहीं जिले के मोरवन क्षेत्र में सुविधि रेयांश टेक्सटाइल यूनिट का काम चल रहा है। इन इकाइयों में कपड़ा उत्पादन और प्रोसेसिंग का कार्य हो रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। इसके अलावा भीलवाड़ा के बड़े समूह, जैसे संगम ग्रुप, सुविधा ग्रुप, कंचन ग्रुप और एलएनजे से भी प्रदेश में निवेश के लिए चर्चा चल रही है। टेक्सटाइल सेक्टर में मिलेगी पहचान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी उद्योग-अनुकूल नीतियों, बेहतर लॉजिस्टिक्स और पारदर्शी प्रशासन के कारण निवेश के लिए तेजी से पसंदीदा राज्य बन रहा है। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार टेक्सटाइल सेक्टर में मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है। वहीं बड़े निवेश प्रस्तावों पर विशेष रियायतें दे रही है। उद्योग विभाग उन्होंने खुद अपने पास रखा है और उनकी पूरी टीम तत्परता से जुटी है। कार्यक्रम में राजस्थान और मध्यप्रदेश के जनप्रतिनिधि, उद्योग संगठन, चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े निवेशक उपस्थित रहे।