नीमच। आलोक कुमार सक्सेना, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) जिला-नीमच द्वारा लोहे के पाईप से मारपीट कर फरियादी का हाथ तोडने वाले 03 आरोपीगण (1) मुरलीधर पिता बालूराम भांभी, उम्र-37 वर्ष, (2) शंकरलाल पिता तोलीराम भांभी, उम्र-63 वर्ष व (3) सुनील पिता पृथ्वीराज भांभी, उम्र-24 वर्ष, सभी निवासी-ग्राम आलोरी गरवाड़ा, थाना रतनगढ़, जिला नीमच को धारा 325/34 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास व 500-500 रूपये अर्थदण्ड और धारा 323/34 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत न्यायालय उठने तक के कारावास व 500-500 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाली विषेष लोक अभियोजक कीर्ति शर्मा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 6 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 30.07.2020 को दिन के लगभग 12 बजे थाना रतनगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम आलोरी गरवाड़ा स्थित बालूराम भांभी के दुकान के बाहर की हैं। घटना दिनांक को आरोपी मुरलीधर द्वारा फरियादी देवकरण के भांजे की दुकान के बाहर रोड़ पर लोहे के पाईप रखे हुए थे, जिसको हटाने के लिए फरियादी ने कहां तो आरोपी मुरलीधर फरियादी से विवाद करने लगा। जब फरियादी खुद पाईप को उठाकर साईड में रखने लाग तो आरोपी मुरलीधर लोहे का पाईप उठाकर फरियादी के साथ मारपीट करने लगा, इतनी देर में आरोपी का काका शंकरलाल व भतिजा सुनील भी आ गया और तीनों ने मिलकर लोहे के पाईप व लात घुसों से फरियादी के साथ मारपीट करी, जिस कारण फरियादी का हाथ टूट गया था। आस पास के दुकानदारों ने आकर बीच-बचाव किया था, जिसके बाद फरियादी ने घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना रतनगढ़ में की थी, जिस पर से आरोपीगण के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध होकर आवष्यक विवेचना के पष्चात् अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय, नीमच में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक द्वारा सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विषेष लोक अभियोजक कीर्ति शर्मा द्वारा की गई