नीमच |जगत वल्लभ जैन दिवाकर पूज्य गुरुदेव चौथमल जी म.सा की जन्मभूमि नीमच नगर में परम पूज्य आचार्य प्रवर हुक्मीचंदजी म.सा की पुण्य स्मृति , मरुधर भूषण पूज्य प्रवर्तक रमेशमुनिजी म.सा की दीक्षा जयंती और मेवाड़ सिहनी, राजस्थान प्रवर्तनी पूज्या महासाध्वी यशकुंवरजी म.सा की जन्म जयंती के निमित्त सामूहिक एकासन का आयोजन 12 अप्रैल रविवार को श्रमण संघीय उपाध्याय प्रवर पूज्य गुरुदेव गौतममुनिजी म.सा एवं सेवाभावी वैभवमुनिजी म.सा आदि ठाणा-2 के पावन सानिध्य में जैन दिवाकर युवा संघ के तत्वाधान में किया गया।उपस्थित जैन समूह को संबोधित करते हुए गौतम मुनि जी महाराज साहब ने कहा कि संत चलते फिरते तीरथ होते हैं। युवा वर्ग प्रतिदिन सामायिक तप कर धर्म आराधना से जुड़े तो आत्म कल्याण हो सकता है। गुरु आज्ञा श्रेष्ठ मंत्र होती है। संत कलयुग के भगवान होते हैं। जैन दिवाकर गुरु चौथमल जी महाराज साहब की प्रेरणा से मेवाड़ सहित पूरे देश में 156 राजा महाराजाओं ने शिकार का त्याग कर अहिंसा का संकल्प लिया था। कमजोर मुक प्राणियों को परेशान नहीं करना चाहिए। अच्छे कर्म करेंगे तो सब कुछ अच्छा होता है। साध्वी यश कंवर जी महाराज साहब ने जोगणिया माता मंदिर में बलि प्रथा को रुकवाया और जीव दया का संदेश दिया था। संत का हृदय कठोर और वाणी सरल होती है। अमृत धर्म प्रवचन सभा में वैभव मुनि जी महाराज साहब ने कहा कि कृष्ण महाराज ने सभी वर्गों के दुःख दर्द और पीड़ा को समझा इसीलिए वह जगत वल्लभ कहलाए। चौथमल जी महाराज साहब ने भी सभी वर्गों के कल्याण के लिए अहिंसा का अभियान चलाया इसीलिए वे भी जगत वल्लभ कहलाए। जैन दिवाकर चौथमल जी महाराज साहब ने 54 वेश्याओं को 12 व्रत का धारण करवा कर तप त्यागी श्राविका बनने की प्रेरणा दी थी। सामाजिक एकता के बिना धर्म का विकास नहीं हो सकता है। बंटोगे तो कटोगे, जिनके जीवन में एकता रहती है उनके जीवन में सदैव आनंद रहता है। सामूहिक भजन करने से भी जीवन में आनंद आता है। संगठित रहकर धार्मिक तपस्या करें तो जीवन का कल्याण हो सकता है। नीमच की लाल माटी का कण कण पवित्र है यह माटी रत्न गर्भा है, यहां पर साध्वी रंगु जी महाराज साहब और जैन दिवाकर चौथमल जी महाराज साहब का जन्म हुआ है जो पूरे देश के लिए गौरव की बात है।धर्म सभा में शकुंतला गोपावत, रानी राणा, स्वाती लोढ़ा, अलका चोपड़ा, सविता चोपड़ा, आदि ने साधु संतों के सम्मान में स्वागत गीत प्रस्तुत किये। इससे पूर्व रेलवे स्टेशन मार्ग स्थित कृषि उपज मंडी के प्रवेश द्वार क्रमांक 1 के समीप शंभू मनोहर बम के संस्थान के कार्यालय पर नवकार शांति मंत्र जाप का पाठ किया गया तत्पश्चात वहां से गौतम मुनि जी महाराज का जुलूस प्रारंभ हुआ जो कृषि उपज मंडी स्टेशन मार्ग, चौकन्ना बालाजी मंदिर,अग्रसेन वाटिका, ज्ञान मंदिर विधि महाविद्यालय, जाजू बिल्डिंग, भीडभंजन पार्श्वनाथ मंदिर पुस्तक बाजार, जैन भवन मार्ग होते हुए जैन कॉलोनी स्थित वर्तमान जैन स्थानकवासी जैन भवन पर पहुंचकर धर्म सभा में परिवर्तित हो गया। इस अवसर पर नीमच सिटी वर्धमान स्थानकवासी संघ के अध्यक्ष उमराव सिंह राठौड़ , विजय बाफना सहित सभी समाज जनों ने आगामी वर्ष2027 में गुरु चौथमल जी महाराज साहब की 150 वीं जयंती नीमच सिटी जैन छात्रावास में विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ आयोजित करने के लिए सामूहिक विनती की गई। इस अवसर पर महावीर जयंती के पावन उपलक्ष्य में आयोजित धार्मिक प्रतियोगिता के परिणाम में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आगामी 17 मई को जावरा में आयोजित सम्मेलन में सभी समाज जनों से सामूहिक सहभागिता का आह्वान किया गया।इस अवसर पर संघ के तत्वाधान में गुणानुवाद एवं प्रवचन सुबह 9 बजे जैन स्थानक भवन, जैन कॉलोनी,नीमच पर हुए,सभी एकासन आराधको ने 3 - 3 सामयिक एक बैठक पर स्थानक में प्रवचन के समय में की । एकासन का लाभ जैन दिवाकर युवा संघ द्वारा लिया गया. सभी एकासन आराधको की भोजन की व्यवस्था सुबह 12:05 बजे जैन दिवाकर भवन पर की गई थी। इस अवसर पर सामूहिक एकासन के प्रत्याख्यान स्थानक में विराजित परम पूज्य म.सा के मुखारविंद से प्रवचन के समय हुए। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता संतोष चोपड़ा,नीमच नगर पालिका अध्यक्ष स्वाती गौरव चोपड़ा, शंभू मनोहर बम, सुनील लाला बम, सुनील चोपड़ा,अनिल कुमार मांदरेचा प्रशांत कुमार , संगीता जारोली, रानी राणा, सविता चोपड़ा,सविता भामावत आदि समाज जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।