"जावद में महंत से कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संत समाज का आक्रोश शनिवार को सड़कों पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु जावद बस स्टैंड पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते यातायात थम गया और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।"
"संत समाज का आरोप है कि गोरक्षनाथ आश्रम के महंत मौजनाथ उर्फ सुखलाल के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, उन्हें गंभीर चोटें पहुंचाई गईं और मठ की भूमि पर कब्जे का प्रयास किया गया। घटना को लेकर संत समाज में भारी नाराजगी है। प्रदर्शन के दौरान संतों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई।"
"मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संतों को समझाइश दी, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त किया गया। इसके बाद संत प्रतिनिधियों ने एसडीओपी हर्ष राठौड़, थाना प्रभारी मनोज सिंह जादौन और तहसीलदार बी.के. मकवाना को ज्ञापन सौंपकर नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।"
"संत समाज ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों पर प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि महंत मारपीट कांड में आखिर कार्रवाई कब होगी... और क्या संत समाज की नाराजगी यहीं थमेगी या आने वाले दिनों में यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा?