मध्य प्रदेश के नीमच में किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस सड़कों पर उतर आई है। गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में भारत माता चौराहा पर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने राज्य सरकार पर किसानों के साथ वादाखिलाफी और दमनकारी रवैया अपनाने के गंभीर आरोप लगाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि गेहूं खरीदी की तारीखों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे किसान मजबूरी में अपनी फसल कम दामों पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि समय पर तौल नहीं होने के कारण किसान सहकारी ऋण नहीं चुका पाए और करीब 50 प्रतिशत किसानों को डिफाल्टर घोषित कर दिया गया है। धरने में हाल ही में पालसोड़ा-भंवरासा क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया गया। नेताओं ने कहा कि नुकसान के बावजूद किसानों को न तो मुआवजा मिला और न ही फसल बीमा की राशि, जबकि दूसरी ओर प्रशासन किसानों पर कार्रवाई कर रहा है। नीमच-चीताखेड़ा-जीरन मार्ग की खराब हालत को लेकर भी सरकार को घेरा गया और जल्द सुधार की मांग की गई। धरने के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा, जिसमें गेहूं खरीदी तत्काल शुरू करने, डिफाल्टर किसानों को राहत देने और मुआवजा जारी करने की मांग की गई। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।