नीमच जिले में पुलिसिंग का नया अध्याय शुरू हो गया है। पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के नेतृत्व में जिले को सुरक्षित, तकनीक-सक्षम और अपराधमुक्त बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। सबसे बड़ी पहल के रूप में अब जिले के प्रत्येक थाने में साइबर डेस्क स्थापित की जा रही है, जिससे साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को तत्काल सहायता और तेज कार्रवाई मिल सकेगी।
अब किसी भी साइबर फ्रॉड की शिकायत के लिए लोगों को जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। थाना स्तर पर प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तुरंत शिकायत दर्ज कर कार्रवाई शुरू करेंगे। इससे न केवल साइबर अपराधियों तक जल्दी पहुंच बन सकेगी, बल्कि ठगी की रकम को समय रहते रोकने और बैंक खातों को फ्रीज कराने में भी मदद मिलेगी।
एसपी राजेश व्यास का यह मॉडल आम नागरिकों को पुलिस से और अधिक जोड़ने वाला माना जा रहा है। हर थाने में तीन-तीन पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि तकनीक आधारित अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। यह पहल डिजिटल युग की चुनौतियों के अनुरूप पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम है।
वहीं जिले में अवैध गतिविधियों और संगठित अपराध के खिलाफ भी सख्त रणनीति पर काम किया जा रहा है। अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जबकि आदतन अपराधियों की नियमित निगरानी कर कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा रहा है।
नीमच पुलिस का यह नया विजन केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों में सुरक्षा, विश्वास और त्वरित न्याय की भावना को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा प्रयास है। आने वाले समय में यह पहल जिले को साइबर सुरक्षा और आधुनिक पुलिसिंग के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है।
