नीमच पहुंचे पुलिस महानिरीक्षक राकेश गुप्ता ने साफ शब्दों में संकेत दे दिए हैं कि आने वाले समय में नशे के कारोबारियों, आदतन अपराधियों और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी। डीआईजी निमिष अग्रवाल, एसपी राजेश व्यास और जिले के पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में नशा तस्करी, एमडी ड्रग्स नेटवर्क, चोरी, सड़क सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। आईजी राकेश गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2029 तक नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पुलिस पूरी ताकत के साथ मैदान में है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सामने आ रही एमडी ड्रग्स फैक्ट्रियों और नशे के नेटवर्क को केवल पकड़ना ही नहीं बल्कि जड़ से खत्म करना पुलिस की प्राथमिकता है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे, वहीं बार-बार अपराध करने वालों के खिलाफ जमानत निरस्तीकरण जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि गांव, गली और कस्बों में जनसहयोग से सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क बढ़ाया जाएगा, ताकि अपराधियों पर निगरानी मजबूत हो और घटनाओं का त्वरित खुलासा हो सके। साथ ही चोरी, लूट और अन्य अपराधों में शामिल बदमाशों की मॉनिटरिंग बढ़ाने, गश्त मजबूत करने और सूचना तंत्र को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। आईजी ने सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी को सकारात्मक बताया, लेकिन कहा कि यातायात जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेंगे। पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि अपराध और दुर्घटनाओं को रोकना भी है। नीमच से दिया गया यह संदेश साफ है कि अब नशे और अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और अधिक आक्रामक और निर्णायक होने वाली है।