नीमच। जिले के स्वास्थ्य तंत्र पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। रामपुरा निवासी एक युवक के इलाज में देरी को लेकर परिजनों ने जिला अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र पिता रमेश चंद्र पोरवाल, निवासी रामपुरा को पहले पेट दर्द की शिकायत हुई थी, जिसका इलाज स्थानीय शासकीय अस्पताल में कराया गया। लेकिन इसके बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और उसे दिमागी दौरा पड़ने लगा। गंभीर स्थिति में उसे तीन दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती के बाद भी मरीज को समय पर जरूरी उपचार नहीं मिला। विशेष रूप से जो इंजेक्शन तत्काल लगाया जाना था, उसे समय पर नहीं लगाया गया, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ती चली गई। बताया जा रहा है कि परिजनों और समाजसेवियों द्वारा इस मामले को लेकर सीएमएचओ डॉ. पाटिल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की गई, जिसके बाद संबंधित इंजेक्शन एक दिन की देरी से मरीज को लगाया गया। परिजनों ने यह भी बताया कि उक्त इंजेक्शन बाजार में उपलब्ध नहीं होता और केवल अस्पताल में मनोवैज्ञानिक रोग विशेषज्ञ के माध्यम से ही दिया जाता है, ऐसे में देरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों पर सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है और जिम्मेदारी तय होती है या नहीं।